बस और मोटी आंटी
दिनांक 10/08/2019 बस में बैठे हुए बोर हो रहा था तो सोचा कुछ किया जाए। बहुत देर फ़ोन में लगे रहने के बाद blog की याद आयी डाऊनलोड किया और लग पड़ा आब यहीं टाइम पास करने। वैसे बता दूँ की में अभी जसूर जा रहा हूँ। कंप्यूटर बीमार हो गया है तब इसके इलाज के लिए वहाँ ही ले जाना पड़ रहा है जहां से इसको बीमारी लगनी शुरू हुई थी। आज मम्मी पापा भी आ रहे है भरमौर से पता नही क्या होना मेरा जब से घर मे समन गया है तब से हाल बेहाल हो गए हैं। बस का सफर भी आपने आप मे नई दुनिया को देखने का होता है। नये नये लोग अलग अलग विचारो से भरे हुए।
हाहाहाहा एक आंटी की सकल देख कर कुछ याद आया। अभी थोड़ी देर पहले हम नागनी पहुंचे थे जहां आजकल नागनी माता के दर्शन के लिए लोग आ रहे है बहुत भीड़ हैं वहां। तो हुआ ऐसा की बस लोगो को चढ़ाने के लिए वहाँ रुकी मुझे भी वहीं पर सीट मिली थी में बैठा हुआ था और 1 आंटी वहां बस में चने लगी वेसे देख कर तो ठीक ठाक खाते पीते घर की लग रही थी।
पर इतनी भी मोती नही लग रही थी कि बस में ही न चढ़ा जाये। उस आंटी ने 1 हाट में आइसक्रीम ली हुई थी। और दुसरे हाथ मे पर्स लिया हुआ था 3,4 बाद बस में चढ़ने की कोशिश की ओर आखिरकार 2 लड़को को उठाना पड़ा जो दरबाजे के सामने बैठे हुए थे उन्होंने हाथ देकर उसे ऊपर चढ़ाया। कभी कभी इन लोगो को देख कर ऐसा लगता है जैसे बस इनको जीवन से ज्यादा खाना जरूरी है। भाई साहब आज के समय मे सेहत ही सब कुछ है अगर पैसा बहुत है और सेहत खराब है तो उस पैसे का भी क्या करोगे। तब कहते है जी की ध्यान रखा करो आपना।

Comments
Post a Comment